Editor's Desk | 21 September 2022, 09:34 AM IST

The 7 Habits Of Highly Effective People By Stephen R. Covey Book Summary

The 7 Habits Of Highly Effective People Book Summary 
किताब के बारे में
इस किताब में आप हाईली इफेक्टिव लोगों की वो 7 आदतें जानेंगे जो आपको सिखाएगी कि कैसे एक अच्छा कैरेक्टर डिवेलप करें। लोगों के साथ अच्छे रिश्ते कैसे बनाएं। कामयाब होने के लिए कौन सी आदतों को फॉलो करें। और आप यह भी सीखेंगे की एक हाईली इफेक्टिव इंसान कैसे बने।
ये बुक किसे पढ़नी चाहिए
यह बुक उन लोगों को जरूर पढ़नी चाहिए जो एक हाईली इफेक्टिव इंसान बनना चाहते है। लोगों के साथ में अच्छे रिश्ते बनाना चाहते हैं। और जो कामयाब और इफेक्टिव लोगों की 7 आदतें जानना चाहते है।
ऑथर के बारे में
स्टीफन कोवे एक अमेरिकन ऑथर, स्पीकर और एक बिजनेसमैन थे। द 7 हैबिट्स आफ हाईली इफेक्टिव पीपल यह उनकी बेस्ट सेलर बुक रही है।
इस बुक की खास लर्निंग
1. हैबिट ” प्रोएक्टिव बने “
आपके आस पास में जो कुछ भी हो रहा है वो आपके हाथ में नहीं है लेकिन आप उस पर कैसे रिस्पॉन्ड करें ये पूरी तरह से आपके हाथ में है। प्रोएक्टिव होने का मतलब यह है कि दूसरों लोगों का कैसा भी बर्ताव हो उससे आपको कोई फर्क नहीं पढ़ना चाहिए। प्रोएक्टिव होने का मतलब यह कि होता है कि चाहे आपके आस पास कैसी भी सिचुएशन हो उसका आपके ऊपर कोई बुरा प्रभाव नहीं हो। एक प्रोएक्टिव इंसान को इससे फर्क नहीं पड़ता कि लोग उनके बारे में क्या सोच और बोल रहे हैं। क्योंकि जो वो बोल रहे हैं उससे यह पता चलता है कि वो खुद इस दुनिया को किस नजर से देखते हैं। एक प्रोएक्टिव इंसान को फर्क नहीं पड़ता कि मौसम कैसा है या आस पास क्या हो रहा है या सिचुएशन खराब है।
एक प्रोएक्टिव इंसान की जिंदगी में चाहे कितना भी बुरा वक्त आ जाए वो कभी भी उससे परेशान नहीं होता। एक प्रोएक्टिव इंसान बुरे से बुरे हालात में भी अपने काम पर फोकस करता है। प्रोएक्टिव का उल्टा होता है रिएक्टिव और जो लोग रिएक्टिव होते हैं वो अपने आस पास की सिचुएशन से प्रभावित हो जाते हैं। रिएक्टिव इंसान हमेशा कंप्लेन करता रहता है। एक रिएक्टिव इंसान खुद को सही और दूसरों को गलत साबित करने में लगा रहता है। एक रिएक्टिव इंसान का मुंड टीवी की तरह होता है जिसका रिमोट कंट्रोल दुनिया के हाथ में होता है वो दुनिया जब चाहे उसके मूड को चेंज कर सकती है। लेकिन प्रोएक्टिव इंसान अपना रिमोट कंट्रोल हमेशा अपने पास रखता हैं। इसलिए प्रोएक्टिव बने रिएक्टिव नहीं।
2. हैबिट ” एंड को माइंड में रखकर शुरुआत करें “
आप अपनी लाइफ में क्या हासिल करना चाहते हैं वो आपको बहुत अच्छे से पता होना चाहिए। किसी भी चीज को हासिल करने के लिए उसका ब्लूप्रिंट आपके दिमाग में होना चाहिए ताकि आप अपनी डायरेक्शन से भटक ना जाए। आपका हर एक्शन आपके लक्ष्य की तरफ होना चाहिए। हर दिन आपको किसी ना किसी समस्या का सामना करना पड़ता है और अगर आपको उस समय नहीं पता है की क्या चीज हैं जो आपके लिए सबसे जरूरी है तो आप अपने लक्ष्य से भटक जाएंगे। अगर आप केवल मैट्रियल चीजों में ही लगे रहे तो आप अपनी फैमिली, अपने दोस्तों और अपने बच्चों से अच्छे रिश्ते कैसे बना पाएंगे।
आपकी लाइफ में सबसे कीमती चीज क्या है वो आपको बहुत अच्छे से पता होनी चाहिए। आप अपनी लाइफ में जो कुछ भी हासिल करना चाहते हैं उसके लिए प्लानिंग बहुत जरूरी होती है और अगर आप प्लानिंग करने में फेल हो रहे हैं तो आप उस काम में फेल होने की प्लानिंग कर रहे हैं। खुद से पूछे कि जब आप इस दुनिया से चले जाएंगे तब लोग आपको किस काम के लिए याद करेंगे। आपको यह भी ध्यान में रखना है कि जो काम आप हर दिन कर रहे हैं क्या वो आपके वैल्यूज और पर्पज से मिल रहा हैं।
3. हैबिट ” सबसे पहले वो काम करें जो सबसे जरूरी है “
आपकी लाइफ में सबसे इंपोर्टेंट क्या है? वो आपको क्लियर पता होना चाहिए ताकि आप सबसे पहले वही करो जो आपके लिए इंपोर्टेंट है। टाइम को मैनेज करने की जगह खुद को मैनेज करने पर ध्यान दें। जब आपके पास करने के लिए बहुत सारा काम हो तो सबसे पहले अपनी प्रायोरिटीज सेट करें। प्रायोरिटीज सेट करने का मतलब यह है कि अपनी जरूरी चीजों को सबसे पहले नंबर पर रखें। अगर आपको किसी को ना बोलने की जरूरत हो तो उस समय बेशक आपको ना बोल देना चाहिए अगर उस समय आपके पास करने के लिए कुछ जरूरी काम है तो। अगर आपके पास करने के लिए बहुत सारा है काम है तो उन काम को ना बोलें जो आपकी प्रायरिटीज में नहीं आते है।
हर दिन आपके पास करने के लिए बहुत सारी चीजें होती है लेकिन आपको बहुत ध्यान से वही काम करना है जो आपको अपने लक्ष्य की तरफ ले जाएं। आपके लिए जरूरी काम करना उतना ही आसान होगा जितना कि आपको यह पता होगा कि क्या करना है? और क्या नहीं करना है? यानी कि जितने अच्छे से आपको अपनी प्रायरिटीज पता होगी उतने ही अच्छे से आप जरूरी काम कर पाएंगे। अगर आपको एक इफेक्टिव इंसान बनना है तो आपको सबसे पहले वही करना है जो आपके लिए सबसे जरूरी है।
4. हैबिट ” थिंक विन विन ”
अगर आपकी जीत और किसी और की हार होती है तो उनके साथ आपके कभी भी अच्छे रिलेशन नहीं बन सकते। इसलिए हमेशा कुछ ऐसा करने की कोशिश करें जिससे आपकी भी जीत हो और सामने वाले की भी जीत हो। चाहे वो आपका दोस्त हो आपका कलीग हो आपका बॉस हो या आपका एंप्लॉयी हो। हमेशा लोगों के साथ अच्छा रिलेशन बनाने की कोशिश करें। और एक अच्छा रिलेशन आप तभी बना सकते हैं जब आप खुद की और सामने वाले की जीत के बारे में सोचें। इस बात को हमेशा ध्यान रखें कि अगर आप किसी को हराने की सोच रहे हैं तो आप खुद का ही नुकसान कर रहे हैं।
एक दूसरे के साथ कंपटीशन करने के बजाए कहीं गुना अच्छा है कि आप उनके साथ कोलैबोरेट करें। कोलैबोरेट करने से आपका और सामने वाले इंसान दोनों का ही फायदा होता है। इसलिए हमेशा अपने पार्टनर्स के साथ, अपने बच्चों के साथ, अपने फ्रेंड के साथ कभी भी कोई प्रॉब्लम हो तो विन विन सलूशन निकालें जिससे आपका भी फायदा हो और उनका भी फायदा हो।
5. हैबिट ” पहले दूसरों को समझने की कोशिश करें फिर उम्मीद करें कि वो आपको समझे “
अगर आप चाहते हैं कि कोई आपको समझे तो पहले आपको उनको समझना होगा। कभी आपके साथ ऐसा हुआ है कि कोई प्रॉब्लम लेकर आपके पास आया हो और आपने उन्हें एडवाइज दी लेकिन वो एडवाइस उन्हें किसी काम की नहीं लगी। ऐसा तब होता है जब आप सामने वाले की सिचुएशन या उसकी प्रॉब्लम को समझे बिना ही उन्हें एडवाइस देने लगते हैं। लोग हमेशा उन्हीं को पसंद करते हैं जो पहले उन्हें समझते है और फिर कोई एडवाइज देते हैं। एक अच्छा कम्युनिकेटर वही होता है जो पहले सामने वाले की बात सुनता है यानी कि उसकी प्रॉब्लम को समझता है और फिर उन्हें कोई बात बोलता है।
अगर आप किसी की प्रॉब्लम को सॉल्व करना चाहते हैं तो पहले आपको ये समझना होगा कि उनकी प्रॉब्लम है क्या? एक बात हमेशा याद रखें कि आप किसी की मदद तभी कर सकते हैं जब आप उनकी प्रॉब्लम को सही से समझ ले। इसलिए हमेशा सामने वाले इंसान को कुछ बोलने या एडवाइस देने से पहले उसकी प्रॉब्लम और सिचुएशन को समझने की कोशिश करें ताकि वो भी आपको समझ सके।
6. हैबिट ” सिनर्जाइज ”
हर एक इंसान को किसी ना किसी की मदद की जरूरत होती है और जब कोई एक साथ मिलकर काम करता है तो एक दूसरे की मदद से वो काम कहीं गुना बेहतर होता है अकेले करने की जगह। सीनर्जाइज का मतलब है  तालमेल कायम रखना। जब आप लोगों के साथ में मिलकर काम करते हैं तो आपकी कमजोरियों को वो पूरी कर देते हैं। जिससे आपका हर काम परफेक्ट होता है। हर किसी की सोच एक दायर के बाद लिमिटेड हो जाती है। लेकिन जब हम लोगों के साथ मिलकर काम करते हैं तो उनकी सोच और उनके एक्सपीरियंस हमारे काम आते हैं जिससे एक बेहतर रिजल्ट आता है।
हर एक इंसान का किसी भी चीज को देखने का नजरिया अलग होता है। यहां पर आप को आपस में समझना होगा ताकि आप साथ मिलकर काम कर सके। और एक साथ काम करने के लिए यह बहुत जरूरी है कि आप एक दूसरे का सम्मान करें। कभी भी खुद को सही और दूसरे को गलत ठहराने की कोशिश ना करें इससे आप साथ मिलकर कभी काम नहीं कर पाएंगे। इस बात की गांठ बांध लें कि आप दूसरों के साथ मिलकर कई नई चीजें क्रिएट कर सकते हैं।
7. हैबिट ” शार्पन द सा “
शार्पन द सा का मतलब है खुद को अपग्रेड करना। और खुद को अपग्रेड करने का मतलब है हर दिन कुछ ना कुछ नया सीखना जो आपको आपके लक्ष्य को पाने में मदद करें। इसके लिए चाहे तो आप बुक पढ़ सकते हैं, कोई कोर्स ज्वाइन कर सकते हैं या किसी से कंसलटिंग ले सकते हैं। आपको लगातार खुद को अपने माइंड और बॉडी के लेवल पर अपग्रेड करने की जरूरत है। इसके लिए आप हर दिन थोड़ी एक्सरसाइज और मेडिटेशन कर सकते हैं जिससे आप फिजिकली और मेंटली स्ट्रांग बन पाए और बिना किसी तनाव के अपना काम अच्छे से कर पाए।
आप बेहतर काम कर पाए और बेहतर बन पाए इसके लिए आपको खुद को ब्रेक देकर थोड़ा समय खुद के साथ बिताना चाहिए ताकि आप समझ पाया कि आपको कहां पर क्या बदलाव करने की जरूरत है। आपके पास सबसे कीमती चीज आपका माइंड और आपकी बॉडी है इसलिए इन्हें समय-समय पर अपडेट करते रहें।
The 7 Habits Of Highly Effective People By Stephen R. Covey

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