Editor's Desk | 12 July 2022, 09:58 AM IST

अमीर बनना है तो यह जान लो

ऐसा क्यों है की 5% लोगों के पास 95% पैसा हैं और बाकी 95% लोगों के पास सिर्फ 5% पैसा वोही चीज आज हम इस Paragraph में जानेंगे की अमीर लोग और अमीर कैसे बनते हैं और क्यो एक गरीब इंसान और गरीबी में फसता ( stuck) चला जाता है ? सबसे पहले हम यह समझते हैं कि 95% लोग क्या करते हैं जिसकी वजह से वह गरीब रहते हैं और 5% लोग ऐसा क्या करते हैं जिसकी वजह से वो सफल और अमीर बन जाते हैं। सबसे पहले हम यह समझते हैं कि रोबोट क्योंसाकी द्वारा  Cash Flow Quadrant E S or B I क्या है?
E> यानी Employee
95% लोग नौकरी की तलाश में रहते हैं और मजे की बात यह है कि इन 95% लोगों में से केवल कुछ लोगों को नौकरी मिल पाती है । लेकिन फिर भी लोग एक सिक्योर जॉब ढूंढना चाहते हैं।और जिन लोगों को नौकरी मिलती है वो नौकरी मिलने के बाद शादी करते है, घर बसा ते हैं , और अपने ऐसो आराम पर उस पैसे को खर्च करते हैं जो उन्हें बहुत मेहनत के बाद महीने के एंड में मिलता है। और अपनी हर मंथ की सैलरी पर डिपेंड रहते है जो कि उनके अकाउंट में आने से पहले ही आधी सैलरी उनके टैक्स और उनके लॉन और बिल्स को चुकाने में चली जाती है। और वह कभी भी अपनी जॉब को छोड़ नहीं पाते हैं जैसा कि रोबोट कियोसकी की कहते है रेट – रेस में फंस जाना। और हर महीने जो सैलरी आती है उस सैलरी से वह फालतू की लायबिलिटीज खरीदा है जैसे महंगी गाड़ी , कपड़े गैजेट्स, वो भी लोन के ऊपर। मतलब कि अगर एक एंप्लॉय की सैलरी 1 Lac है तो उसका एक्सपेंस भी 1 Lac होगा।  एक एंप्लॉय जिंदगी भर किसी और को अमीर बनाने मैं लगा रहता है। इसे कहते हैं हम एक एंप्लॉय की जिंदगी । जो कभी भी फाइनेंशली फ्री नहीं हो पाता है। क्योंकि वो दूसरों को फाइनेंशली फ्री करने में लगा हुआ है। अब समझते हैं हम S क्वाड्रेट को
S> यानी Self employed
एक सेल्फ एंप्लॉयड वो लोग होते हैं। जो जितना टाइम देते हैं उतना पैसा कमाते हैं और जिस दिन टाइम देना बंद करते हैं उस दिन उनका पैसा ना भी बंद हो जाता हैं। यह अपने खुद के बॉस होते हैं और अपनी मर्जी का काम करना पसंद करते हैं। जैसे एक डॉक्टर , लोयार , वकील , दुकानदार , मैकेनिक , थैरेपिस्ट , छोटे बिजनेस का मालिक आदि । इन लोगों की मेंटालिटी होती है कि इनका काम कोई और इनसे अच्छा नहीं कर सकता जिसकी वजह से वह अपने काम को कभी भी बड़ा नहीं कर पाते। इनका माइंडसेट होता है कि किसी को पैसे संभालने की जिम्मेदारी नहीं देनी चाहिए हम खुद पैसे को संभाल लेंगे और सारा हिसाब किताब रखेंगे। इनको ऐसा लगता है कि अगर यह किसी को काम पर रखेंगे तो वह उनके साथ धोखा कर देगा कर देगा। या मेरा कॉन्पिटिशन बन जाएगा। और यही डर उनको कभी आगे नहीं बढ़ने देता। अब समझते हैं B क्वाड्रेट को
B> यानी Business owner 
एक बिजनेस ओनर वो होता है जो अपने बिजनेस के मेथड और उसके सिस्टम को बनाता है जिसे लोग मैनेज करते हैं। और बदले में उन्हें सैलरी मिलती है। एक असली बिजनेस ओनर वह होता है जो लोगों से काम करवाना जानता है। यह लोग अपने काम को डेलीगेट करना बहुत अच्छी तरह से जानते हैं । और केवल वो काम करते हैं जिनसे उनका बिजनेस और आगे बढ़े यानी की नए प्रोडक्ट एंड सर्विस को डेवलप करने का काम करते हैं। ताकि उनके बिजनेस का टर्नओवर और अधिक बढ़ सके।एक बिजनेस ओनर हमेशा अपने बिजनेस के मेथड और सिस्टम पर ध्यान देता है और उन्हें और बेहतर करता है ताकि लोग ज्यादा से ज्यादा उनके प्रोडक्ट ओर सर्विस को ले पाए यह लोग अपने बिजनेस को स्केल करने पर फोकस करते हैं। और जब यह एक बार अपने बिजनेस का मेथड और सिस्टम को  डिवेलप कर देते हैं। तो इनके बिना भी उनका बिजनेस बढ़ता रहता है। और इनको बहुत समय मिलता है। जिससे वो और नए बिजनेस को बिल्ड करने पर फोकस करते हैं। जहां से उनको पैसिव इनकम आए । तो अब हम समझते हैं कि I क्वाड्रेट क्या होता है।
I> यानी  Investor
एक इन्वेस्टर पैसे से पैसा कमाता है उन्हें काम करने की जरूरत नहीं होती है क्योंकि उनका पैसा उनके लिए काम करता है। अगर किसी को बहुत ज्यादा अमीर बनना है तो उनको I क्वाड्रेट में आना ही होगा। क्योंकि यहां से आपका पैसा wealth में बदलता है । एक इन्वेस्टर वो होता है जो दूसरों के बिजनेस में अपना पैसा डालता है और उसे काम करने देता है , और ज्यादा पैसा कमाने के लिए। यह हर वक्त केवल इस तलाश में रहते हैं कि कौन सा बिजनेस है जो अच्छा करेगा, कौन सा बिजनेस है जो आगे बढ़ेगा, वो उस बिजनेस को समझ कर उसमें पैसा डाल देते हैं । और उसे कंपाउंड होने देते हैं। जैसे-जैसे बिजनेस बड़ा होता है उनका इन्वेस्ट किया हुआ पैसा भी बड़ा हो जाता है। और वो और ज्यादा अमीर और वेल्थी बन जाते हैं।
अब हम एक बार इन चारों क्वाड्रेट का conclusion  देख लेते हैं।
E> Quadrant इनके पास एक नौकरी होती है जिनसे इनको हर महीने के अंत में सैलरी मिलती है । और वो उस सैलरी को अपने लाइफस्टाइल पर खर्च करते हैं और इसी तरह इनकी जिंदगी चलती है।
S> Quadrant ये लोग अपने काम के मालिक होते है।  जितना यह काम करते है उनको उतना पैसा मिलता है और जिस दिन उनका काम बंद होता है उनका पैसा आना बंद हो जाता है। यह अपनी मर्जी के मालिक होते हैं।
B> Quadrant यह लोग अपने बिजनेस के मेथड्स और सिस्टम को बिल्ड करते हैं और लोग उनके लिए काम करते हैं बदले में वो उन्हें सैलरी देते हैं । इनका फोकस होता है नए प्रोडक्ट एंड सर्विस को डेवलप करना । जिससे इनके पास और ज्यादा पैसा आए।
I> Quadrant इनके लिए इनका पैसा काम करता है , और ज्यादा पैसा कमाने के लिए । इनको हर वक्त एक ऐसे  बिजनेस की तलाश होती है जो फ्यूचर में अच्छा करेगा और एक बड़ी सफलता हासिल करेगा। और वो उसमें अपनी समझदारी से पैसा डाल देते हैं और उसे कंपाउंड होने देते हैं ताकि उनकी wealth और बढ़ जाए ।
कहने का मतलब यह है कि जो लोग E या S Quadrant में होते हैं। वह लायबिलिटीज खरीदने में ध्यान देते हैं। उनको एक्टिव इनकम आती है। और जो लोग B या I Quadrant में होते हैं। वह अपने ऐसैट्स बिल्ड करने पर फोकस करते हैं। उनको पैसिव इनकम आती है। और जिन लोगों को पैसिव इनकम आती है वही लोग जल्दी अमीर और wealthy बन सकते हैं।
अब आपको अपने आप से यह सवाल करना है कि आप किस Quadrant में है? और किस Quadrant में जाके आप अमीर बन सकते हैं।

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